पीएम मोदी की तारीफ करने पर जस्टिस अरुण मिश्रा की बॉम्बे बार एसोसिएशन ने की आलोचना

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरुण मिश्रा ने जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी, उसके बाद बॉम्बे बार एसोसिएशन ने उनकी आलोचना की है। बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पास किया जिसमे जस्टिस अरुण मिश्रा के बयान की आलोचना की गई है। इस प्रस्ताव को बहुमत के साथ पास किया गया है जिसमे कहा गया है कि जस्टिस मिश्रा का बयान अनुचित और अनावश्यक है। उनका बयान निराशाजनक और निंदनीय है। साथ ही इसमे कहा गया है कि एसोसिएशन मानता है कि एक सिटिंग जज का यह आचरण सही नहीं है। कार्यपालिका के मुखिया को लेकर दिया गया बयान अनुचित था और इसकी जरूरत नहीं थी।

बता दें कि 22 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय ज्यूडिशियल कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए जस्टिस मिश्रा ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित दूरदर्शी हैं। यही नहीं जस्टिस मिश्रा ने कहा कि पीएम मोदी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, जो वैश्विक स्तर पर सोचते हैं और स्थानीय रूप से काम करते हैं। जस्टिस मिश्रा के बायान की आलोचना करते हुए एसोसिएशन ने कहा एसोसिएशन मानता है कि इस तरह का बयान पछताने लायक है जोकि अंतरराष्ट्रीय ज्यूडिसरी की कॉन्फ्रेंस में तमाम वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों, पूर्व जज और मौजूदा जजों के सामने दिया गया। इस तरह के बयान से कानूनी पेशे से जुड़े लोगों के भरोसे को झटका लगा है, यही नहीं इससे लोगों का न्यायपालिका की स्वतंत्रता और इसकी प्रतिष्ठा को भी झटका लगा है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने जस्टिस मिश्रा के बयान की निंदा की थी। जिसमे कहा गया था कि एससीबीए का मानना है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता संविधान की मूल भावना और इस भावना को बनाए रखना चाहिए। एसबीसीए ने अपने बयान में कहा कि बार एसोसिएशन संविधान और न्यायपालिका में अपने विश्वास को दोबारा जाहिर करता है और न्याय के प्रशासन के इसी भावना से काम करने की अपील करता है। एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह का आचरण न्यायपालिका की निष्पक्षता और स्वतंत्रता के बारे में लोगों की अवधारणा को कमजोर कर सकता है।

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